समकालीन दक्षिण एशिया Notes
Class 12 Political Science Chapter 3 Notes in Hindi
यहाँ हम कक्षा 12 राजनीतिक विज्ञान के 3rd अध्याय “समकालीन दक्षिण एशिया” के नोट्स उपलब्ध करा रहे हैं। इस अध्याय में समकालीन दक्षिण एशिया से जुड़ी प्रमुख विशेषताओं का अध्ययन किया गया है।
ये नोट्स उन छात्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे जो इस वर्ष बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सरल और व्यवस्थित भाषा में तैयार की गई यह सामग्री अध्याय को तेजी से दोहराने और मुख्य बिंदुओं को याद रखने में मदद करेगी।
समकालीन दक्षिण एशिया Notes, Class 12 Political Science Chapter 3 Notes in Hindi

class 12 Political Science chapter 3 notes in hindi
दक्षिण एशिया
दक्षिण एशिया की भौगोलिक विशेषताएं ?
उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में हिन्द महासागर तक, पूर्व में बंगाल की खाड़ी से लेकर पश्चिम में अरब सागर तक, दक्षिण एशिया के किन देशों में कौन सी शासन व्यवस्था है
- भारत और श्रीलंका – लोकतंत्र
- पाकिस्तान और बांग्लादेश – लोकतंत्र तथा सैनिक तानाशाह
- नेपाल और भूटान – राजतंत्र
- मालदीप – अध्याक्षात्मक प्रणाली
सार्क (SAARC)
- S – South
- A – Asian
- A- Association for
- R – Regional
- C-Corporation
- दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन
- स्थापना – 1985 (ढाका में)
- मुख्यालय (Headquarter) – काठमांडू (नेपाल)
- सदस्य देश – भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव, भूटान,अफगानिस्तान
उद्देश्य :-
- क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना ।
- सामाजिक, आर्थिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक, सहयोग को बढ़ावा देना ।
- विवाद स्पद मुद्दे को बातचीत से हल करना ।
- आतंकवाद का विरोध करना ।
- विश्व शांति को बढ़ावा देना
पाकिस्तान में सेना और लोकतंत्र
- पाकिस्तान में सैनिक हस्तेक्षेप, कट्टरतावाद, धर्मगुरु और भू- स्वामी अभिजनो के सामाजिक प्रभाव ने लोकतंत्र के मार्ग में कठिनाईयां पैदा की है।
- पाकिस्तान में विशेषकर सैनिक तानाशाही ने लोकतंत्र के मार्ग में सर्वाधिक रूकावटे पैदा की है।
- पाकिस्तान और भारत के कड़वाहट भरे संबंधो की आड़ में पाकिस्तानी सेना ने सदैव पाकिस्तान में अपना दबदबा बनाये रखा तथा किसी भी निर्वाचित सरकार को ठीक ढंग से काम नहीं करने दिया ।
- अमेरिका तथा पश्चिमी देशो ने अपने स्वार्थ के लिए सैनिक शासन को बढ़ावा दिया है।
- पाकिस्तान में संविधान निर्माण के पश्चात् सैनिक शासक जनरल अयूब खान ने शासन पर अधिकार जमा लिया ।
- अयूब खान के पश्चात् जनरल याहिया खान ने शासन संभाल लिया ।
- 1977 में जनरल जिया-उल-हक ने लोकतंत्र सरकार को हटाकर शासन प्रणाली की बागडोर अपने हाथो ली
- 1999 में जनरल परवेज मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का तख्ता कर अपनी तानाशाही स्थापित ली ।
पाकिस्तान में लोकतंत्र की असफलता के कारण :-
- पाकिस्तान में लोकतंत्र के मार्ग में सेना ने सदैव बाधा उत्पन्न की है।
- पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरता ने भी लोकतंत्र को सफलतापूर्वक कार्य करने नही दिया है
- पश्चिमी देशों ने अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए पाकिस्तान में लोकतंत्र को सफल नही होने दिया ।
- पाकिस्तान में लोकतंत्र की असफलता का एक अन्य कारण उसकी आंतरिक ढांचागत संगरचना है।
- पाकिस्तान और भारत के कड़वाहट भरे संबंधो की आड़ में पाकिस्तानी सेना ने सदैव पाकिस्तान में अपना दबदबा बनाये रखा।
बांग्लादेश की शासन व्यवस्था तथा संकट
- बांग्लादेश पाकिस्तान का अंग था जिसे पूर्वी पाकिस्तान भी कहते है।
- यह बंगाल और असम के हिस्से को काटकर बनाया गया था।
- पाकिस्तान यहाँ पर अपना दबदबा बनाकर रखता था और यहाँ पर जबरन उर्दू भाषा थोप कर यहाँ की संस्कृति को नष्ट कर रहा था।
- इसका विरोध यहाँ की जनता ने किया।
- पश्चिमी पाकिस्तान के खिलाफ शेख मुजीबुर्रहमान के नेत्तृव में जंग संघर्ष छिड़ गया।
- शेख मुजीबुर्रहमान की पार्टी “अवामी लीग” को वहां 1970 में सभी सिटो पर विजय मिली।
- शेख मुजीबुर्रहमान को गिरफ्तार कर लिया गया।
- “याहिया खान” के दौर में पाकिस्तान सेना ने बंगाली जनता के आन्दोलन को कुचलने की कोशिश की।
- हजारो लोग मारे गये तथा लाखों शरणार्थी भारत आ गए।
- इस समस्या को देखकर भारत – पूर्वी पाक को समर्थन किया, जिसकी वजह से भारत-पाकिस्तान में लड़ाई छिड़ गया।
- यह लड़ाई काफी भयानक लड़ाईयों में से एक थी।
- युद्ध का खत्म पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तान सेना के आत्मसमर्पण और एक स्वतंत्र राष्ट्र ‘बांग्लादेश’ के निर्माण के साथ हुआ ।
- 16 दिसम्बर 1971 को भारतीय सेना के समक्ष 93 हजार सेनाओं ने समर्पण किया था ।
बांग्लादेश में लोकतंत्र
- पूर्वी पाकिस्तान से अब इसका नाम बांग्लादेश हो गया था जहाँ अब संसदीय प्रणाली कार्य कर रही थी
- बांग्लादेश ने अपना संविधान बनाया और धर्मनिरपेक्ष लोकतान्त्रिक समाजवादी देश घोषित किया।
- 1975 में शेख मुजीब ने संविधान में संशोधन कराया।
- संसदीय प्रणाली की जगह अध्य्क्षात्मक शासन प्रणाली अपनाई गई।
- (1975) आवामी लीग को छोड़कर यानी सभी पार्टियों को समाप्त कर दिया गया।
- इसमे तनाव और संघर्ष का माहौल बना गया।
- सेना ने बगावत कर दी और शेख मुजीब सेना के हाथों मारे गये ।
- नए सौनिक शासन जियाउर रहमान ने बांग्लादेश नेशनल पार्टी बनाई।
- जियाउर रहमान 1979 का चुनाव जीते ।
- आगे चल के इनकी भी हत्या हो जाती है और सत्ता में जनरल एच. एम. इरशाद आए ।
- जनता तथा छात्रों ने इनके खिलाफ आन्दोलन किया 1990 में पद छोड़ दिया ।
- 1991 में चुनाव हुए। इसके बाद से बांग्लादेश में बहुदलीय चुनावों पर आधारित प्रतिनिधिमूलक लोकतंत्र स्थापित है।
नेपाल में लोकतंत्र और राजतंत्र
- नेपाल एक राजतंत्र देश था, पर वहां की जनता खुले और उत्तरदायी शासन की आवाज उठाती रही थी।
- राजा ने सेना के द्वारा शासन पर पूरा नियंत्रण कर रखा था
- 1990 में एक सफल जन – आंदोलन हुआ राजा ने लोकतान्त्रिक संविधान की मांग मान ली ।
- नेपाल में लोकतंत्र ज्यादा कामयाब नही रहा।
- माओवादिओं का नेपाल में प्रभाव है।
- माओवादियों का राजा तथा अभिजनो से शस्त्र विद्रोह जारी रहा है
- राजा – माओवादी – लोकतंत्र समर्थक
- कुछ वक्त तक राजा की सेना, लोकतंत्र -समर्थक और माओवादियों के मध्य त्रिकोणीय संघर्ष हुआ।
- 2002 में राजा ने संसद भंग कर दिया इससे जो थोडा लोकतंत्र था वो भी ख़त्म हो गया।
- 2006 में यहाँ पुरे देश में लोकतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन किया।
- आन्दोलन में (7 पार्टी अलायंस) बनाया गया जिसे माओवादियों के कार्यकरता सब ने मिलकर समर्थन किया।
- वहां संविधान सभा के लिए काम चल रहा है माओवादियों ने संघर्ष छोड़ दिया है इस तरह नेपाल में लोकतंत्र के → काम शुरू हो गया है।
श्रीलंका का जातीय संघर्ष
- श्रीलंका एक द्वीपीय देश है जो तमिलनाडु के दक्षिणी तट से कुछ किलोमीटर की दुरी पर स्थित है।
- क्षेत्रफल – हरियाणा के बराबर
- आबादी – करीब 2 करोड़
i. 74% सिंहलियो की
ii. 18% तमिल
iii. 7% इसाई लोग(सिंहली और तमिल दोनों भाषा बोलते है)
- श्रीलंका की जनसँख्या का लगभग 18% भाग भारतीय मूल के तमिल है, जो श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी प्रान्तों में बसे हुए है।
- श्रीलंका की स्वतंत्रता के बाद बहुसंख्यक सिंहलियों ने धर्म और भाषा के आधार पर एक नए राज्य के निर्माण के प्रयास शुरू कर दिए जिसका स्वभाविक रूप से तमिलो ने विरोध किया।
- श्रीलंका सरकार ने “सिंहलियों” के लिए नौकरियों तथा शिक्षण संस्थाओं आदि में सुविधाओं की व्यवस्था की जब की तमिलों को इससे वंचित रखा।
- सरकार की तमिलो के प्रति भेदभाव तथा उपेक्षा की नीति ने तमिलों को संगठित किया।
- 1983 में तमिल उग्रवादियों ने तमिल लिबरेशन टाइगर्स नामक (L.T.T.E.) इस संगठन में हिंसात्मक कार्यवाहिया प्रारंभ कर दी और सरकार से सीधे संघर्ष की ठान ली।
- 1991 में चुनाव प्रचार के दौरान तमिल उग्रवादियों ने भारत के पूर्व प्रधान मंत्री “श्री राजीव गाँधी” की हत्या कर दी।
- धीरे – धीरे श्रीलंका में जातीय संघर्ष तेज होने लगा विस्फोटक तथा व्यापक हत्या की जाने लगी।
- भारत द्वारा श्रीलंका में इस जातीय संघर्ष को कम करने के लिए काफी प्रयास किये गये लेकिन सफलता प्राप्त नहीं हुई।
- नवंबर 2002 में “नार्वे” की मध्यस्थता से श्रीलंका में जातीय संघर्ष समाप्त करने के प्रयास किये गये
भारत-पाकिस्तान संघर्ष
- विभाजन के शीघ्र बाद दोनों देश कश्मीर के मुद्दे पर लड़ पड़े।
- पाकिस्तान की सरकार का दावा था कि कश्मीर पाकिस्तान का है जिसकी वजह से भारत और पाकिस्तान के मध्य 1947-48 तथा 1965 के युद्ध भी हुए पर इससे कोई हल नहीं निकला ।
- 1948 के युद्ध के परिणामस्वरूप कश्मीर के दो भाग हो गये।
- एक भाग पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) कहलाया ।
- जबकि दूसरा भाग भारत का जम्मू-कश्मीर प्रान्त बना ।
- दोनों के मध्य एक नियंत्रण-सीमा रेखा है।
- भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाये है की वह कश्मीरी उग्रवादियों को प्रशिक्षण, हथियार तथा धन देता है
- भारत और पाकिस्तान के मध्य नदी-जल के बटवारे पर भी तनातनी हुई है। 1960 तक दोनों के मध्य सिन्धु नदी प्रयोग को लेकर तीखे विवाद हुए।
- भारत और पाकिस्तान में तनाव पूर्ण संबंधो का एक कारण यह है की पाकिस्तान पिछले कई वर्षों से पंजाब और कश्मीर के आतंवादियो की सभी तरह सहायता कर रहा है।
- 1971 में भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध एक निर्णायक युद्ध जीता, परन्तु कश्मीर मसला अनसुलझा ही रहा।
- दोनों देशो के पास परमाणु हथियार भी है, भारत ने 1998 में पोखरण में और इसके कुछ दिनों के भीतार ही पाकिस्तान चगाई पहाड़ी पर परमाणु परिक्षण किये।
- इसकी वजह से युद्ध की संभावना कम हो गई है पर दोनों देशो की सरकारे निरंतर एक-दूसरे को शक की नजर से देखते है।
मालदीव
- मालदीव हिन्द महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है
- मालदीव में 1968 तक सल्तनत हुआ करता था।
- 1968 में यहाँ एक गणतंत्र बना और यहाँ शासन की आध्यक्षात्मक प्रणाली अपनाई गई।
- 2005 के जून महीने में मालदीव की संसद ने बहुदलीय प्रणाली को अपनाने के पक्ष में मतदान किया
- एमडीपी यह की मुख्य पार्टी है जिसका यह की राजनीती में दबदबा है
- 2005 के चुनाव में मालदीव में विपक्षी दलों को क़ानूनी मान्यता दे दी गई।
भारत और अन्य पड़ोसी देश
भारत और अन्य पड़ोसी देशभारत और बांग्लादेश के बीच संबंध
दो सहयोग के मुद्दे
- बांग्लादेश ने दिसंबर 1996 में फरक्का गंगा जल बटवारे पर समझौ कया।
- भारत और बांग्लादेश आतंकवाद के मुद्दे पर सदैव एक रहे है
दो असहयोग के मुद्दे
- भारत और बांग्लादेश के बीच असहयोग का मुद्दा चकमा शरणार्थी है।
- बंगलादेश में समय समय पर भारत विरोधी गतिविधियां होती रहती है।
भारत और नेपाल के अच्छे सम्बन्ध
- भारत और नेपाल के सम्बन्ध मधुर रहे है।
- भारत और नेपाल के बीच ऐसी संधि हुई है जिससे वो बिना बीजा और पासपोर्ट के एक दुर देश में आ जा सकते है।
- भारत नेपाल की हर चीज में सहयोग करता रहता है।
भारत और नेपाल में अनबन सम्बन्ध
- भारत विरोधी गतिविधियों पर नेपाल की सरकार कार्यवाही नही करती है।
- नेपाल की चीन के साथ दोस्ती रखना, जिससे भारत-नेपाल के सम्बन्ध के बीच दरार है।
भारत और श्रीलंका के अच्छे सम्बन्ध
- FTA (मुक्त व्यापार समझौता ) जैसे समझौते होना भारत और श्रीलंका के बीच ।
- भारत और श्रीलंका में अनबन तो हुए है लेकिन मित्रता की कई संधि भी हुई है।
- श्रीलंका में आर्थिक मदद करना (सुनामी के समय)
भारत और श्रीलंका के बुरे सम्बन्ध
- सिंघलियों को लगता है की भारत तमिलो को SUPPORT करता है।
- 1987 में भारत के द्वारा शांति सेना भेजना, जिससे इन दोनो के बीच मनमोटाव हो गया।
- अंदरूनी मामलो में दखल देना भी कही न कही बुरे सम्बन्ध का कारण है
भारत और भूटान के अच्छे सम्बन्ध
- भारत और भूटान के साथ काफी अच्छे सम्बन्ध है।
- पूर्वोत्तर भारत के उग्रवादियों और गुरिल्लों को भूटान ने अपने इलाके से खदेड़ भगाया, जिससे भारत को बड़ी सहायता मिली है।
- भारत भूटान में पनबिजली की विशाल परियोजनाओं में हाथ बटा रहा है।
भारत और भूटान के बुरे सम्बन्ध
- भारत सरकार और भूटानी सरकार के साथ कोई बड़ा संघर्ष नही है।
भारत और पाकिस्तान के बीच समझौते
ताशकंद समझौता
10 जनवरी 1966 को हुआ था (भारत और पाकिस्तान के बीच ) यह एक शांति समझौता था जो लाल बहादुर शास्त्री और अयूब खान के बीच उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में हुआ था ।
शिमला समझौता
- दिसम्बर, 1971 में भारत ने पाकिस्तान को युद्ध में एतिहासिक मात दी ।
- इस युद्ध के पश्चात् 3 जुलाई, 1972 को भारत – पाकिस्तान ने शिमला में एक समझौते किये, जिसे शिमला समझौता कहा जाता है।
- परस्पर झगड़ा ना करना, मुद्दे को बातचीत के द्वारा हल करना ।
- राष्ट्रिय एकता, क्षेत्रीय अखंडता, राजनितिक स्वतंत्रता और सार्वभौमिक सम्मान करना ।
- दोनों परस्पर विरोधी प्रचार नही करेंगे ।
- सामान्य सम्बन्ध स्थापित करेंगे ।
भारत और मालदीव के अच्छे सम्बन्ध
- 1988 में श्री लंका से आये कुछ किराये के तमिल सौनिको ने मालदीव पर आक्रमण किया
- मालदीव ने जब हमला रोकने के लिए भारत से सहायता मांगी तो भारतीय वायुसेना और नौसेना ने शीघ्र कार्यवाई की।
- भारत ने मालदीव के आर्थिक विकास, पर्यटक और मत्स्य उद्दोग में भी सहायता की है।
- भारत दक्षिण एशिया के सभी देशो की सहायता करने में हमेशा तत्पर रहता है।
- लेकिन इसके बावजूद पडोसी देशो के साथ अनबन बना रहता है
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